
विशेष मंदिरों मे
खाटू श्याम जी भोग सेवा
इस बात पर कोई संशय नहीं, कि भगवान केवल भाव के भुखे होते हैं,किंतु भाव का भी कोई स्वरूप होना चाहिए,इसी कारण पूजा के पश्चात भोग लगाया जाता है । यदि हम सच्ची निष्ठा और विश्वास को ले कर बाबा को मान रहे हैं,उनके जागृत स्वरूप को हर क्षण महसूस कर रहे हैं,तो यह भी शाश्वत सत्य जानो, कि हमारी ही तरह खाटू सेठ को भी भोजन की अनिवार्यता है। क्यों कि जो सुख हम अपने शरीर के साथ अपनी आत्मा को देना चाहते हैं, उस सुख का अभिन्न अंग हमारे परम दयालु बाबा श्याम जी की कृपा को ही समझो|
लाभ
मन और आत्मा को शांति
ईश्वर की कृपा प्राप्ति
भक्ति का अनुभव
मनोकामनाओं की पूर्ति